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रावण की इतनी प्रशंसा क्यों हो रही है?
रावण (Ravan) विद्वान था, महाप्रतापी था, महातपस्वी था, आदि-आदि... सब मान लिया है. यह सब पीढि़यों से कहा जा रहा है. शायद इसलिए कि बुरे व्यक्ति से हम सबक लें कि एक बुराई तमाम अच्छाइयों को शून्य कर देती है. लेकिन, सोशल मीडिया पर इन दिनों अलग ही चरस बोई जा रही है. रावण को इतना भला कह दिया जा रहा है कि उसने कभी कोई पाप किया ही नहीं!
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